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Showing posts with the label Motivation and Life Lessons

"Stop Worrying About the Future, Live in the Present!"

भविष्य की चिंता छोड़ें, आज को जिएं! Stop Worrying About the Future, Live in the Present! अरे दोस्तों! आज अखबार में एक बहुत ही कमाल का आर्टिकल पढ़ने को मिला, जो सीधे दिल पर लगा। हम अक्सर अपनी लाइफ में आने वाले कल यानी भविष्य की चिंता में इतने डूब जाते हैं कि आज जो हमारे पास है, उसे एन्जॉय करना ही भूल जाते हैं। Hey friends! Today I read an amazing article in the newspaper that really touched my heart. We often get so lost worrying about tomorrow that we forget to enjoy what we have today. मैंने सोचा क्यों न इसके जरूरी पॉइंट्स आपके साथ शेयर करूँ, जो मुझे सच में बहुत काम के लगे: I thought why not share its key points with you, which I found really useful: 1. फ्यूचर की टेंशन छोड़ो, आज में जियो 1. Drop the Future Tension, Live in Today हम हमेशा यही सोचते रहते हैं कि आगे क्या होगा, और इसी चक्कर में अपना आज का दिन तनाव में निकाल देते हैं। जब हम अपना पूरा ध्यान अपने सामने वाले काम पर लगाते हैं, तो काम करने का मज़ा ही ...

डायरी का एक अंश

बस कुछ दिन और फिर हमारी भी छुट्टियां लग जाएंगी, ये सोचकर मैं मन ही मन कितना खुश हो रहा था, तभी लंच का टाइम हो गया। सभी क्लास के बच्चे बाहर आ गए थे। हमारे पास में ही एक ही लाइन में तीन क्लासे थीं और क्लास के सामने दो गहरे पूल बने हुए थे, जिनमें मेरे जैसा 5.8 फीट का इंसान तो पूरी तरह से डूब सकता था। दोनों पूलों के बीच दूसरी तरफ जाने का रास्ता था और उस तरफ भी वैसे ही तीन क्लासे थीं। ये सब स्कूल के पीछे का एक आंगन था और प्रिंसिपल जी का रूम आगे की ओर था। हमारी भी लंच करने की तैयारी थी, लेकिन आज प्रिंसिपल सर ने कहा था कि आज वो लंच में आएंगे, उन्हें हमें भविष्य के बारे में हमारा मार्गदर्शन करना था। मैं पीछे से दो पंक्ति आगे और आगे से तीन पंक्तियों के पीछे बैठा हुआ था। कक्षा में दो गेट, एक आगे और एक पीछे तथा दोनों तरफ दो खिड़कियां बनी हुई थीं। मेरी सीट खिड़की के पास ही थी तो मैं बाहर का दृश्य नहीं देख सकता था, किंतु जब भी बाहर से चिल्लाने की आवाजें आती या लगता कि बाहर देखना चाहिए तो अपनी सीट से उठकर, आगे की ओर झुककर देख लिया करता था। अब कुछ ही समय बाद सर भी आ गए। सफेद रंग की प्लेन ...

प्रेम, वासना और मेरे मन की बनाई दुनिया

पता नहीं क्यों, लेकिन आज भी मुझे इंतज़ार रहता है। मैंने कितनी ही बार कोशिश की कि इन सब चीज़ों से पीछा छुड़ा लूँ। हर बार खुद से कहा कि अब नहीं सोचूँगा, अब किसी के बारे में इतना नहीं उलझूँगा। लेकिन फिर भी मैं वापस आकर उसी जगह फँस जाता हूँ। कभी-कभी लगता है कि क्या ये सब प्रकृति (nature) खुद तय कर रही है? या फिर मेरा मन और मेरा हृदय मुझे नियंत्रित (control) कर रहे हैं? मैं हर बार सोचता हूँ कि मुझे ये सब नहीं करना, किसी के बारे में इतना नहीं सोचना, लेकिन फिर अनजाने में वही करने लगता हूँ जो नहीं करना चाहता। आप शायद सोच रहे होंगे कि मैं किस बात की बात कर रहा हूँ। मैं बात कर रहा हूँ प्रेम करने की। किसी को अपना दिल दे देने की। अपनी आत्मा तक किसी को समर्पित कर देने की। लेकिन समय के साथ मुझे समझ आया कि शायद मैं प्रेम से ज़्यादा अपनी ही बनाई हुई कहानियों से प्रेम करता था। प्रेम की पहली अवस्था – जब सिर्फ दिल काम करता है कितना अजीब होता है न? हम हमेशा उस इंसान के पीछे पागल हो जाते हैं जिसे हम चाहते हैं। उसके लिए सब कुछ करने को तैयार हो जाते हैं। उस वक़्त लगता है कि अगर यह इंसान मिल गया,...

"Love or Lust? Why We End Up Hating What We Once Loved"

I don’t know why, but even today, I find myself waiting. I have tried so many times to break free from all of this. Every time, I told myself that I wouldn’t think about it anymore—that I wouldn’t obsess over someone like this again. Yet, I always find myself trapped in that same place. Sometimes I wonder, is nature itself deciding all this? Or are my mind and heart controlling me? I try hard not to do this, not to think so much about someone, but then, unknowingly, I start doing exactly what I don’t want to do. You might be wondering what I’m talking about. I am talking about falling in love. Giving your heart to someone. Surrendering your very soul to another. But over time, I realized that perhaps I wasn’t in love with them as much as I was in love with the stories I had created in my own mind. #The First Stage of Love – When Only the Heart Rules How strange is it? We go crazy over the person we want. We become ready to do anything for them. At that moment, it feels like...