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Showing posts from September, 2026
राजस्थान का इतिहास — RPSC RAS Mains राजस्थान का इतिहास — RPSC RAS Mains (संयुक्त नोट्स) टॉपिक 1: प्रागैतिहासिक काल से 18वीं सदी तक | टॉपिक 2: 1857 से एकीकरण तक | टॉपिक 3: कला, संस्कृति एवं विरासत 1. प्रागैतिहासिक काल का राजस्थान 1.1 पाषाण काल (Stone Age) पुरापाषाण काल (Paleolithic): चम्बल घाटी (कोटा-भरतपुर), डीडवाना, बेराछ नदी घाटी — हस्त कुठार (Hand-axe), स्क्रेपर आदि उपकरण मिले। मध्यपाषाण काल (Mesolithic): बागोर (भीलवाड़ा, कोठारी नदी तट) — सबसे बड़ा मध्यपाषाणकालीन स्थल, यहाँ से माइक्रोलिथ्स (लघु पाषाण उपकरण) एवं पशुपालन के प्रमाण मिले। साथ ही तिलवाड़ा (बालोतरा, लूनी नदी) भी महत्वपूर्ण स्थल है। नवपाषाण काल (Neolithic): गणेश्वर (सीकर, कांतली नदी) — 'ताम्रयुगीन सभ्यता का पिता' कहा जाता है; यहाँ ताम्र (तांबे) के औजार सर्वाधिक मात्रा में मिले हैं (सिंधु सभ्यता से पूर्व)। 1.2 ताम्र-पाषाण काल (Chalcolithic) — आहड़/बनास सभ्यता आहड़ सभ्यता (उदयपुर, आहड़ नदी) — 'ताम्रवती नगरी' कहलाती है; यहाँ के लोग ताम्बे के औजार व मिट्टी के काले-लाल मृदभांड...